ग्राम पंचायत और प्रधान के 20 काम पता हैं... अगर नहीं तो पढ़ लीजिए " ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं, जिनके बारे में न तो प्रधान ग्रामीणों को बताते हैं और न ही लोगों को इनके बारे में पता चलता है। जैसे कि गाँव में पशुओं के लिए चरागाह की व्यवस्था किसी भी ग्राम पंचायत में नहीं होती है।" गांवों का कायाकल्प करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार हर साल एक-एक ग्राम पंचायत लाखों करोड़ों रुपए देते हैं। इन पैसों से वहां शौचालय, नाली खडंजा, पानी, साफ सफाई, पक्के निर्माण होने चाहिए। गांव में सिंचाई की सुविधा हो ये भी प्रधान का काम है। आप के घर का पानी सड़क पर न बहे ये भी पंचायत का काम है, लेकिन ज्यातादर लोग इस बारें में जानते नहीं है। " ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं, जिनके बारे में न तो प्रधान ग्रामीणों को बताते हैं और न ही लोगों को इनके बारे में पता चलता है। जैसे कि गाँव में पशुओं के लिए चरागाह की व्यवस्था किसी भी ग्राम पंचायत में नहीं होती है।" उत्तर प्रदेश में कुल 59,163 ग्राम पंचायतें हैं, प्रदेश में 16 करोड़ लोग गांव में रहते हैं। 14वें वित्त, मनरेगा और स्वच्छ ...
गार्डनगिरी बड़े शहरों में अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को शुभम सिंह ‘वर्टीकल गार्डनिंग’ करना सिखा रहे हैं, जिससे उन्हें ताजा सब्ज़ियाँ भी मिले और घर में पड़ी बेकार प्लास्टिक की बोतलों का उचित उपयोग भी हो। उ त्तर-प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले शुभम सिंह को बचपन से ही पेड़-पौधों से लगाव रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गुजरात में नौकरी भी की लेकिन बागवानी के प्रति उनका प्रेम बिल्कुल कम नहीं हुआ। उनके गार्डन में गुलाब, गेंदे आदि फूलों के साथ-साथ बैंगन, शिमला मिर्च, धनिया, पालक, ब्रोकली, आलू, मूली, टमाटर, हरी मिर्च, गोभी, नींबू जैसी सब्ज़ियां और फल भी आपको मिल जाएंगे। शुभम ने बागवानी शुरू की, अगर कोई अपना गार्डन/बगीचा लगाना चाहता है तो उसे सबसे पहले क्या करना चाहिए? शुभम: सबसे पहले आपको ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए जहां थोड़ी खुली जगह हो और अच्छी धूप आती हो। वैसे तो आजकल आप दीवार पर, बालकनी में भी वर्टिकल गार्डनिंग कर सकते हैं, लेकिन धूप बहुत ज़रूरी है। फिर ऐसी कोई जगह चुनें जो आपके घर के पास हो और जहां पर पानी की सुविधा हो। 2. अगर कोई पहली...